अगर आपके पास Emergency Fund नहीं है और कल अचानक से आपकी income रुक जाए या कोई बड़ा खर्चा सामने आ जाए, तो क्या आप बिना लोन और उधार के इस situation को हैंडल कर पाएंगे।
अगर इसका जवाब “नहीं” है, तो सबसे पहले आपको Emergency Fund पर focus करना चाहिए।
बहुत से लोग saving और investment की शुरुआत तो कर देते हैं, लेकिन Emergency Fund को priority नहीं देते। जब तक सब कुछ normal चलता रहता है, तब तक इसकी कमी महसूस नहीं होती। लेकिन एक Medical Emergency, Job Loss या अचानक आया कोई बड़ा खर्च आपकी पूरी financial planning को हिला सकता है।
इसीलिए अगर आपके पास Emergency Fund नहीं है, तो सबसे पहले कुछ ज़रूरी steps लेना बहुत important है।
Emergency Fund इतना ज़रूरी क्यों है
बहुत से लोग सोचते हैं कि उनके पास हर महीने salary आ रही है, तो फिर Emergency Fund की क्या ज़रूरत है। लेकिन income stable होना और financially secure होना, दोनों अलग बातें हैं।
क्यूंकि Emergency fund आपको हर मुश्किल situations में support करता है, जैसे: Job loss, Medical emergency, Family emergency या घर में किसी की तबियत खराब हो जाए या तुरंत पैसो की ज़रुरत पड़ जाए।
यही वजह है की दुनिया के कई successful investors और financial experts सबसे पहले Emergency Fund बनाने की सलाह देते हैं। जैसे Warren Buffett का मानना है की पैसा कमाने से पहले अपनी financial position को secure करना बहुत ज़रूरी है।
चलिए अब देखते हैं वो 5 important काम, जिन्हें हर किसी को करना चाहिए अगर उनके पास Emergency Fund नहीं है।
1. सबसे पहले अपने Monthly Expenses लिखना
आपको सबसे पहले ये समझना होगा कि हर महीने आपका minimum important खर्च कितना है। जैसे:
- घर का राशन
- किराया या EMI
- बिजली और Internet Bill
- बच्चों की फीस
- जरूरी medicines ( दवाइयां)
- Daily transportation etc.
मान लीजिये आपका total monthly खर्च ₹20,000 है, अब आपको emergency fund का टारगेट सेट करना आसान हो जायेगा।
बहुत से लोग बिना calculation के ही random amount save करना शुरू कर देते हैं। और बाद में उन्हें पता चलता है की वो amount actual emergency के लिए काफी नहीं है।
2. High Interest Debt को कम करना
अगर आपके ऊपर Credit Card का bill, Personal Loan या कोई दूसरा High Interest Debt (उधार) है, तो Emergency Fund के साथ उसे भी control करना बहुत ज़रूरी है।
मान लो आप एक तरफ investment से 12% return कमा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ Credit Card पर 30–40% तक annual interest दे रहे हैं। ऐसी situation में आपकी कमाई से ज़्यादा पैसा interest में चला जाता है, जिससे आपकी financial progress slow पड़ सकती है।
इसीलिए सबसे पहले High Interest Debt को कम करने की strategy बनाइए। इससे आपका financial pressure भी कम होगा और Emergency Fund बनाना भी आसान हो जाएगा।
3. Emergency Fund के लिए अलग Account बनाना
बहुत से लोग अपने savings account में ही emergency fund रखते है और धीरे-धीरे उस पैसे को भी खर्च करते रहते हैं और जब सच में emergency आती है, तब account में उतना balance नहीं बचता।
इससे बचने का सबसे आसान तरीका है कि Emergency Fund के लिए एक अलग savings account रखिए। क्यूंकि जब पैसा daily use होने वाले account से अलग होता है, तो उसे खर्च करने की possibility भी कम हो जाती है।
Emergency Fund का काम पैसा कमाना नहीं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत पैसा available होना है। इसलिए इसे ऐसी जगह रखिए, जहां ज़रूरत पड़ने पर आसानी से access किया जा सके।
4. Small Amount से Start करना
बहुत से लोग Emergency Fund इसलिए नहीं बना पाते, क्योंकि वो शुरुआत ही बहुत बड़े target से करते हैं। उन्हें लगता है कि जब ₹1 लाख या ₹2 लाख एक साथ बचने लगेंगे, तब Emergency Fund बनाएंगे।
लेकिन emergency fund बड़े amount से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी regular saving से बनता है।
चाहे ₹50 per day हो , ₹100 per day हो या ₹2,000 per month. Important amount नहीं, हैबिट होती है। Financial experts भी मानते हैं की consistent saving, perfect saving से ज्यादा important होती है।
5. Emergency Savings को Automatic बनाना
अगर आप हर महीने manually पैसे बचाने की कोशिश करेंगे, तो कई बार दूसरे खर्चों की वजह से saving छूट सकती है। इसलिए salary आते ही एक fixed amount अपने Emergency Fund account में automatically transfer लगा दें।
मान लो salary आते ही ₹2,000 ya ₹3,000 emergency fund account में transfer हो जाए, तो आपको अलग से decision लेने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी और fund भी धीरे धीरे grow होता रहेगा।
Emergency Fund Target कितना होना चाहिए
Financial experts आमतौर पर सलाह देते हैं कि Emergency Fund कम से कम 3 से 6 mahine के जरूरी खर्चों के बराबर होना चाहिए। इससे Job Loss, Medical Emergency या अचानक income कम या बंद जैसी situations को संभालना आसान हो जाता है।
मान लो आपके महीने का खर्च ₹20,000 हैं, तो:
- 3 महीने का emergency fund = ₹60,000
- 6 महीने का emergency fund = ₹1,20,000
अगर आप freelancer, self-employed या irregular income वाले हैं, तो 6–12 mahine के expenses के बराबर Emergency Fund रखना ज्यादा safe मन जाता है, क्योंकि ऐसी income हर महीने एक जैसी नहीं होती।
Conclusion
Emergency Fund financial planning का सबसे important part है। जब तक आपके पास Emergency Fund नहीं है, तब तक आप financially secure नहीं हो सकते, चाहे आप SIP कर रहे हो, mutual funds में invest कर रहे हो या stock market में पैसा लगा रहे हो।
अगर आपके पास भी Emergency Fund नहीं है, तो investment या wealth creation से पहले इन 5 steps पर focus करो। अपने expenses समझो, Emergency Fund को अलग रखो, High Interest Debt को control करो, छोटे-छोटे targets बनाओ और saving को automatic बनाओ।
FAQs
Emergency Fund नहीं है तो सबसे पहले क्या करें?
अगर Emergency Fund नहीं है, तो सबसे पहले अपने monthly essential expenses calculate करें। इसके बाद High Interest Debt को control करें और Emergency Fund के लिए अलग account बनाकर छोटी amount से regular saving शुरू करें।
Emergency Fund कितना होना चाहिए?
Financial experts के अनुसार Emergency Fund कम से कम 3 से 6 months के essential expenses के बराबर होना चाहिए। अगर आपकी income regular नहीं है, तो 6 से 12 months का Emergency Fund ज़्यादा सुरक्षित माना जाता है।
क्या Emergency Fund से पहले SIP या Investment करनी चाहिए?
अगर Emergency Fund नहीं है, तो आमतौर पर पहले Emergency Fund बनाना बेहतर माना जाता है। इससे emergency के समय investment तोड़ने, Credit Card इस्तेमाल करने या loan लेने की ज़रूरत कम पड़ती है।
Emergency Fund और Savings में क्या फर्क है?
Normal savings का इस्तेमाल shopping, travel या दूसरे financial goals के लिए किया जा सकता है। जबकि Emergency Fund सिर्फ Job Loss, Medical Emergency या किसी अचानक आए Financial Crisis जैसी situations के लिए रखा जाता है। इसलिए इसे सिर्फ emergency के समय ही इस्तेमाल करना चाहिए।

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